कैबिनेट मंत्री के साथ मुख्यमंत्री से मिले उपनल कर्मचारी, उठाई ये मांगें

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समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड

उत्तराखण्ड उपनल संविदा कर्मचारी संघ का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिला और आठ सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा के साथ सीएम से मिले पहुंचे उपनल कर्मियों ने कहा कि उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड द्वारा रिट याचिका संख्या 116/2018 में 12.11.2018 को दिए गए निर्णय तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 15.10.2024 को पारित आदेश के बावजूद भी UPNL कर्मचारियों का संविदा अनुमन्यता प्रकरण विगत 30 वर्षों से लंबित है। प्रदेश के विभिन्न विभागों में 15-20 वर्षों से निरंतर सेवा दे रहे कर्मचारियों को हर वर्ष अनुबंध नवीनीकरण की असुरक्षा झेलनी पड़ रही है।

*ज्ञापन में रखी गई मुख्य मांगें:*
1. *नियमितीकरण*: 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों के लिए स्थायी नियुक्ति की व्यवस्था बनाई जाए
2. *समान कार्य समान वेतन*: न्यायालय के आदेशानुसार न्यूनतम वेतनमान, महंगाई भत्ता एवं एरियर का लाभ तत्काल सुनिश्चित किया जाए
3. *सेवा की निरंतरता*: प्रत्येक वर्ष अनुबंध नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा की निरंतरता एवं स्थायित्व सुनिश्चित किया जाए
4. *वेतन विसंगति दूर करना*: वर्तमान में किए जा रहे कार्य के समकक्ष पद का वेतनमान निर्धारित किया जाए
5. *अनुबंध की असुरक्षा समाप्त*: प्रत्यक्ष अनुबंध की व्यवस्था होने पर भी नियमितिकरण एवं न्यायालयीन अधिकार सुरक्षित रहें
6. *पूर्व सेवा गणना*: मध्य में की गई पूर्व सेवा को निरंतर सेवा माना जाए
7. *पद सृजन*: जिन विभागों में समकक्ष पद उपलब्ध नहीं है वहां राज्य के अन्य विभागों के समकक्ष पद का आधार बनाया जाए
8. *10 वर्ष की शर्त समाप्त*: न्यूनतम वेतनमान के अधिकार से 10 वर्ष की शर्त को हटाया जाए।

प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष पूरन चन्द्र भट्ट, जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष गणेश गोस्वामी, संरक्षक मनोज जोशी, राकेश जोशी, विनोद बिष्ट, योगेश भाटिया, अनिल कोटियाल, डूंगर आदि शामिल रहे।