पुरानी पेंशन और टीईटी के मुद्दे पर 13 सितंबर को देहरादून में गरजेंगे शिक्षक

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समाचार शगुन उत्तराखंड 

पुरानी पेंशन बहाल किए जाने और शिक्षकों को टी ई टी की बाध्यता से मुक्त रखे जाने के मुद्दे पर 13 सितम्बर को देहरादून में रैली होगी जिसमें राज्य भर के कर्मचारी शिक्षक प्रतिभाग करेंगे।देहरादून रैली को लेकर आज राजकीय प्राथमिक पाठशाला घासमंडी में कर्मचारी शिक्षकों की एक संयुक्त बैठक में देहरादून रैली में प्रतिभाग की रणनीति तैयार की गई।बैठक को संबोधित करते हुए कर्मचारी शिक्षक संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष नवेंदु मठपाल ने कहा पुरानी पेंशन बहाली एवं टी ई टी की बाध्यता समाप्त करने को देहरादून में होने जा रही रैली ऐतिहासिक होगी यदि इस रैली की बाद भी सरकार ने कार्मिक हित में कोई फैसला नहीं लिया तो संगठन आंदोलन तेज करने को मजबूर होगा।प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला संरक्षक नंदराम आर्य ने कहा पुरानी पेंशन एक सामाजिक सुरक्षा थी जिसे समाप्त कर सरकार ने हमारे हितों पर कुठाराघात किया।केंद्र की मोदी सरकार ओ पी एस के स्थान पर यू पी एस लाई है जो हमें स्वीकार नहीं।जब तक पुरानी पेंशन बहाल नहीं हो जाती हमारा संघर्ष जारी रहेगा।‌ राजकीय शिक्षक संघ के ब्लाक मंत्री अनिल कडाकोटी ने कहा जिन शिक्षकों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा विभाग में अपनी योग्यता से शिक्षा व्यवस्था को सँवारने में लगा दिया है, अचानक उनकी पात्रता का आंकलन टी ई टी सरीखी वस्तुनिष्ठ परीक्षा के आधार पर करना और सेवा समाप्त करने की शर्त थोपना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि मानवाधिकारों का भी हनन है। बैठक में तय किया गया कि देहरादून रैली को लेकर शहर में स्थित कार्यालयों ,विद्यालयों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर नवेंदु मठपाल, नंदराम आर्य, अनिल कडाकोटी, नरेंद्र पटवाल, नवेंदु जोशी, बालकृष्ण चंद,  रावत, रमेश बिष्ट, संजय कुमियाल, मदन मोहन कश्मीरा मौजूद रहे।