समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
जिसमे देश में आर्थिक आधार पर व्यापक सामाजिक-आर्थिक जनगणना एवं आरक्षण व्यवस्था में वास्तविक गरीबों को प्राथमिकता देने की बात कही, करणी सेना देश में सामाजिक न्याय, समान अवसर एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के वास्तविक उत्थान की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाती है। उनका मानना है कि देश में पारदर्शी एवं व्यापक सामाजिक-आर्थिक/जातीय जनगणना कराई जाए, जिससे विभिन्न समुदायों की वास्तविक सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का स्पष्ट आकलन हो सके। तथा सरकारी योजनाओं एवं आरक्षण के लाभों की समीक्षा इस प्रकार की जानी चाहिए कि उनका लाभ वास्तव में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित लोगों तक पहुंचे। इसमें किसी भी नागरिक के साथ जाती के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए। आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति चाहे किसी भी जाती का हो, उसे समान अवसर और सरकारी सहायता के न्यायसंगत प्रावधानों का लाभ, संविधान एवं कानून के अनुरूप। मिलना चाहिए। करणी सेना युवाशक्ति के प्रदेश अध्यक्ष जोगेन्द्र राणा जोगी ने कहा कि SC, ST, OBC एवं अन्य आरक्षित वर्गों के भीतर आरक्षण और कल्याणकारी योजनाओं के लाभों की प्रभावशीलता की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लाभ केवल सीमित सक्षम परिवारों तक बार-बार केंद्रित न रह जाएं और उन वर्गों के वास्तविक गरीब एवं वंचित परिवारों तक भी प्रभावी रूप से पहुंचें l जोगेन्द्र राणा जोगी l महंत हिरागिरी महाराज, चन्दन मलारा, विनोद लखेरा, राधेश्याम रावत, विजय जोशी, लालसिंह बाफिला, गौरव सुयाल, हितेश शर्मा, योगिता बनोला, दीपांशु पोखरिया, रविन्द्र सिंह, भानु सुयाल, मोहन राणा, जीवन जंतवाल, गोविन्द आर्य, दीपक जोशी, जगत शर्मा, करन जायसवाल, राहुल सिंह, पंकज परगाई, उत्कर्ष बनोला, राहुल रोय, एवं दर्जनों करणी सैनिक उपस्थित रहे l
