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दाज्यू, कोसी का घटवार जैसी कालजयी कहानियों के लेखक वरिष्ठ कथाकार शेखर जोशी को आज गुरुवार को उनकी 94 वीं जयंती पर राजकीय इंटर कालेज ढेला में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर माल्यार्पण से हुई। उनके प्रारंभिक जीवन के बारे में बताते हुए अंग्रेजी। प्रवक्ता नवेंदु मठपाल ने कहा कि शेखर जोशी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के ओलिया गांव में वर्ष 1932 में 10 सितंबर को हुआ। शेखर जोशी की प्रारंभिक शिक्षा अजमेर और देहरादून में हुई थी। माध्यमिक की पढ़ाई के दौरान ही सुरक्षा विभाग में जोशी जी का ई.एम.ई. अप्रेन्टिसशिप के लिए चयन हो गया, जहाँ वे वर्ष 1986 तक सेवा में रहे, तत्पश्चात स्वैच्छिक रूप से पदत्याग करके वें स्वतंत्र लेखन में संलग्न हो गए। शेखर जोशी की कई कहानियाँ जैसे दाज्यू, कोशी का घटवार, बदबू, मेंटल आदि ने न सिर्फ उनके प्रशंसकों की लंबी जमात खड़ी की बल्कि नई कहानी की पहचान को भी अपने तरीके से प्रभावित किया है। पहाड़ी इलाकों की गरीबी, कठिन जीवन संघर्ष, उत्पीड़न, यातना, प्रतिरोध, उम्मीद और नाउम्मीदी से भरे औद्योगिक मजदूरों के हालात, शहरी-कस्बाई और निम्नवर्ग के सामाजिक-नैतिक संकट, धर्म और जाति में जुड़ी रुढ़ियाँ— ये सभी उनकी कहानियों के मुख्य विषय रहे। कार्यक्रम के दौरान जूनियर कक्षा के बच्चों ने उनकी कहानी बच्चे का सपना पर बनी डॉक्यूमेंट्री देखी। ममता अधिकारी, ममता बोरा, खुशी, ज्योति अधिकारी ने उनके कहानियों को केंद्रित कर चित्र बनाए। सीनियर कक्षा के बच्चों हिमांशी, मानसी करगेती ने उनकी कहानी गलता लोहा और दाज्यू का वाचन कर उसको समझा। इस मौके पर प्रधानाचार्य मनोज जोशी,हरीश कुमार,नवेंदु मठपाल,महेंद्र आर्य, शैलेंद्र भट्ट,दिनेश निखुरपा,नरेश कुमार,निधि हर्ष, जया बाफिला, उषा पवार, शमा अंसारी मौजूद रहे।
