शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु को शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर दी श्रद्धांजलि

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समाचार शगुन, उत्तराखंड 
शहीदे आज़म भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु के शहादत दिवस पर कार्यक्र

= भगत सिंह को याद करेंगे, गैरबराबरी-भेदभाव नहीं सहेंगे

ऊधमसिंह नगर, रुद्रपुर। शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के शहादत दिवस 23 मार्च के अवसर पर मज़दूर सहयोग केन्द्र द्वारा रुद्रपुर के विभिन्न क्षेत्रों में भगत सिंह जन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में शहादत दिवस की पूर्व संध्या पर शहीद अशफाक उल्ला खाँ पार्क, खेड़ा कॉलोनी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान भगत सिंह के विचारों की प्रदर्शनी लगी और पुस्तिका ‘नौजवान का रास्ता’ वितरित हुआ। माल्यार्पण के बाद शुरू हुए श्रद्धांजलि कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज के दौर में जब सत्ता द्वारा देश के मज़दूर, किसान, आदिवासी, गरीब और आम मेहनतकश जनता को अधिकार विहीन बनाया जा रहा है, युवा पीढ़ी को रोजगार की जगह नफरत की खुराक पिलाई जा रही है और पूरा समाज गुलामी की नई बेड़ियों में जकड़ा हुआ है। सत्ता का दमन अंग्रेजों से भी ज्यादा तेज हो चुका है, तब भगत सिंह के सच्चे सपूतों को क्रांतिकारियों के विचारों के साथ इसके खिलाफ मुखर आवाज बनकर खड़े होने की जरूरत है। आम जनता के मूल मुद्दे रोजगार, महंगाई को गायब कर दिया गया है। मज़दूर विरोधी चार लेबर कोड के द्वारा मज़दूरों को बंधुआ बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है, भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुंच गया है। इन तमाम मसलों से ध्यान बँटाने के लिए एक बार फिर चुनावी समर में सभी दल उत्तर पड़े हैं। वक्ताओं का आरोप है कि भाजपा जनता को गुमराह करने में जुटी हुई है। पूरे तंत्र को अपनी मुट्ठी में दबा रखा है।
वक्ताओं ने कहा कि शहीद-ए-आज़म ने जिस आजाद भारत का सपना देखा था, वह आज ना केवल अधूरा है बल्कि पूरा समाज गुलामी की नई बेड़ियों में जकड़ गया है। शहीद-ए-आज़म ने धर्म सांप्रदायिकता और जातिवाद पर अपने लेखों के जरिए लगातार सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ हमला बोला था। आज क्रांतिकारियों के विचारों को आम जनमानस में ले जाने की जरूरत है। इससे पूर्व मज़दूर सहयोग केन्द्र द्वारा 19 मार्च से रुद्रपुर की विभिन्न बस्ती रवींद्र नगर, कल्याणी व्यू, जगतपुरा, दरिया नगर, खेड़ा आदि में व्यापक व सघन अभियान चलाया गया, जो 23 मार्च तक जारी रहेगा। आज के कार्यक्रम में मज़दूर सहयोग केन्द्र के मुकुल, सुरेंद्र, साजिद,बालकरन,चंद्रमोहन लखेड़ा, महेन्द्र राणा,सुधीर,बसंत गोस्वामी, गोविन्द राकेट, रमेश चन्द्र, करोलिया, हरेन्द्र सिंह, प्रभात आदि मौजूद रहे।

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