समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नानकमत्ता प्रवास के दौरान देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ ने भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। उत्तराखंड देवभूमि ट्रक ओनर्स महासंघ का प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार पांच अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष राकेश जोशी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर ट्रांसपोर्ट उद्योग की गंभीर समस्याओं से अवगत कराया। शिष्टमंडल ने बताया कि विगत कई वर्षों से समस्याओं के समाधान हेतु शासन को अनेक बार अवगत कराया गया, परंतु अपेक्षित समाधान न होने से प्रदेश के भारी तादाद में ट्रांसपोर्टर परिवार संकट में हैं। महासंघ के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा व हल्द्वानी अध्यक्ष भास्कर जोशी ने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुख मांगें रखीं:
*1. सबसे प्रमुख मांग – दिनांक 14.12.2024 के समझौते का क्रियान्वयन किया जाए -* कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में वार्ता के उपरांत संयुक्त आयुक्त श्री राजीव मेहरा जी की अध्यक्षता में हमारी मांगों को लेकर एक कमेटी का गठन किया गया था। कमेटी की रिपोर्ट गत 21 माह से लंबित है। इस पर तत्काल निर्णय लिया जाए:
*A)* GVW सीमा 16200 किग्र के हिसाब से ही सभी वाहनों का संचालन किया जाए वन नेशनल परमिट वाले वाहनों को उत्तराखंड की परिवहन नीति व नियमावली के अनुसार संचालन कराया जाए
*B)* ऑल इंडिया परमिट की गाड़ी को पहाड़ की नीति के अनुसार चलाया जाए एवं 6 टायर से ऊपर की हर गाड़ी को पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाए, जिससे पहाड़ में पलायन रुकेगा, रोजगार बढ़ेंगे और सड़कें सुरक्षित रहेंगी।
*C)* पहाड़ी मार्गों पर सिंगल एक्सेल एवं अधिकतम 4.2 मीटर व्हील बेस की अनुमति दी जाए।
*D)* प्रदेश के सभी मुख्य द्वार – रानीबाग/काठगोदाम, टनकपुर, रामनगर, ऋषिकेश, विकासनगर, कोटद्वार, बागेश्वर, पिथौरागढ़ में *ऑटोमेटेड कांटे* लगाए जाएं।
*E)* खनन सामग्री की रॉयल्टी / रवन्ना गाड़ियों की क्षमता के अनुसार ही लोड दिया जाए।
*F)* प्रमुख नगरों में ट्रांसपोर्ट नगर की स्थापना हो।
*G)* प्रत्येक जनपद मुख्यालय में *सरकारी ATS* की स्थापना की जाए ताकि पर्वतीय क्षेत्रों के व्यवसायियों को फिटनेस हेतु लंबी दूरी न तय करनी पड़े और दलाल प्रथा समाप्त हो।
*2. कुमाऊं में जाम की समस्या -* हल्द्वानी, भवाली कैची धाम में भीषण जाम से आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है, इसका स्थायी समाधान किया जाए।
*3. OTS योजना तत्काल लागू हो -* यूपी की तर्ज पर उत्तराखंड में भी *One Time Settlement (OTS) योजना* लागू की जाए, जिससे हजारों ट्रांसपोर्टरों को राहत मिलेगी और सरकार को राजस्व मिलेगा।
*4. पुलिस उत्पीड़न पर रोक -* पुलिस द्वारा केवल कागज चेक करने के नाम पर मनमाने चालान पर रोक लगाई जाए।
*5. लंबे सामान की ढुलाई में छूट -* सरकारी कार्यों में उपयोग होने वाले 20 फीट से लंबे सरिया, GI पाइप, बिजली के पोल आदि की ढुलाई पर चालानी कार्रवाई से छूट दी जाए। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुना और शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
