गिरदा वीरेनदा स्मृति समारोह के तहत हुई संगोष्ठी, कवि सम्मेलन

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समाचार शगुन उत्तराखंड 

गिरदा वीरेनदा स्मृति समारोह के तहत हुई संगोष्ठी, कवि सम्मेलन…

गिरदा वीरेन दा के गीतों,कविताओं “जैता एक दिन तो आलो उ दिन यौ दूनी में “, “हमारा समाज”,”कैसा हो स्कूल हमारा”, “उत्तराखंड मेरी मातृ भूमि” “सावनी सांझ आकाश धुला है रे” आदि से गूंजा सभागार…

संपूर्ण भारतवर्ष में रंगमंच को एक नवीन आयाम देने वाली संस्था युग्मांच की रंग यात्रा के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर रविवार को सी आर एस टी इंटर कॉलेज नैनीताल के नवीन सभागार में गिर्दा वीरेन स्मृति समारोह का आयोजन किया गया। आयोजन युगमंच, नैनीताल समाचार और जन संस्कृति मंच के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस दौरान सुप्रसिद्ध कवियों एवं रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की। कार्यक्रम की शुरुआत के अवसर पर संगीत यात्रा म्यूजिक अकैडमी तथा भारतीय सहित सैनिक विद्यालय के छात्रों द्वारा कविताओं को संगीतबद्ध रूप में प्रस्तुत किया. इसके पश्चात प्रदीप पांडे द्वारा गिरदा और वीरेनदा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर एक वार्ता प्रस्तुत की गई, साथ ही डी के शर्मा द्वारा उनकी कविताओं का वाचन किया गया। आयोजन में अतिथि गणों के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी आलोक शाह, गीता शाह, नारायण सिंह जंतवाल, राजीव लोचन शाह, डॉ अनिल बिष्ट सहित शिक्षाविद बिशन सिंह मेहता, डॉ रवि जोशी, नवेंन्दु मठपाल, सहित विभिन्न गणमान्य लोग उपस्थित रहे। गिरदा एवं वीरेनदा की रचना यात्रा को समर्पित इस कार्यक्रम में सिद्धेश्वर सिंह, मोहन रावत, हेमंत बिष्ट, स्वाति मेलकानी, डॉ अशोक कुमार जोशी, डॉ महेश बवाड़ी, उत्पल पांडे, आदि द्वारा काव्य पाठ प्रस्तुत कर दोनों रचनाकारों को अपनी भावांजलि अर्पित की. कार्यक्रम को सफल बनाने में जहूर आलम, राजीव लोचन शाह, दिनेश उपाध्याय, डी के शर्मा, विनोद पांडे, राजा शाह, नवीन बेगाना, भास्कर बिष्ट, नवीन बेगाना, मनोज कुमार, श्रीमती नेहा, हिमांशु पांडे, आदि द्वारा योगदान दिया गया कार्यक्रम का सफल संचालन त्रिभुवन फर्त्याल द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर कवि गीतकार शैलेंद्र को उनकी 103वीं जयंती पर याद करते हुए उनके प्रसिद्द गीत “तू जिन्दा है तो जिंदगी की जीत पर यकीन कर” के सामूहिक गायन के साथ किया गया।