शिक्षकों के शिष्टमंडल ने प्रधानाचार्य की सीधी भर्ती निरस्त करने की मांग को लेकर अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा

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समाचार शगुन उत्तराखंड 

राजकीय शिक्षक संघ के शिष्टमंडल ने आज शनिवार को अनुसूचित जाति आयोग उत्तराखंड के अध्यक्ष राज्य मंत्री मुकेश कुमार, ब्लॉक प्रमुख रामनगर रेखा रावत एवं सांसद प्रतिनिधि इंद्र रावत से भेंट कर संगठन के वर्तमान में चल रहे आंदोलन और मांगों से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। शिष्टमंडल ने जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया कि राजकीय शिक्षक संघ विगत लंबे समय से सरकार द्वारा प्रधानाचार्य पदों पर करवाई जा रही सीधी परीक्षा भर्ती के विरोध में लगातार आंदोलन कर रहा है। 2 सितंबर को हजारों शिक्षकों ने चौक डाउन किया 5 सितंबर को शिक्षक दिवस कार्यक्रमों का बहिष्कार किया 6 सितंबर को मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर विशाल प्रदर्शन हुए और 10 सितंबर से संगठन का शिक्षा निदेशालय पर क्रमिक अनशन चल रहा है जो आज से आमरण अनशन में तब्दील हो गया है। परंतु सरकार और विभागीय अधिकारी इस बाबत कोई संज्ञान नहीं ले रहे। संगठन के प्रतिनिधियों ने जनप्रतिनिधियों को यह भी जानकारी दी कि अभी तक इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य के पदों पर सीधी भर्ती के बजाय शिक्षकों की पदोन्नति होती थी इसलिए संगठन की मांग है कि अब भी वही व्यवस्था पदोन्नति की लागू रहे और सीधी भर्ती परीक्षा को स्थगित नहीं पूरी तरह से निरस्त करने का आदेश जारी किया जाए।अनुसूचित जाति आयोग अध्यक्ष मुकेश कुमार ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वह इस बाबत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, सचिव शिक्षा से स्वयं बातचीत कर करेंगे और इसका समाधान अवश्य निकलेगा। शिष्टमंडल में शिक्षक संघ के प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल, ब्लॉक मंत्री अनिल कड़ाकोटी, डॉ.नंदन सिंह बिष्ट, जीतपाल कठैत, नरेंद्र पटवाल एवं आशीष भारती शामिल थे।

 

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