हल्द्वानी में स्थानीय विधायक ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया

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समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड 

 

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने प्रशासन की ओर से आपत्तियों की सुनवाई के लिए आयोजित कैंप में पहुंचकर अतिक्रमण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने अतिक्रमण के नाम पर निवास कर रहे लोगों को मिल रहे नोटिसों पर अपनी दर्जनों गंभीर आपत्ति दर्ज की। विधायक सुमित हृदयेश ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन परिवारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया जा रहा है, वे पिछले 50 से 60 वर्षों से यहाँ निवासरत हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने वर्षों बाद अचानक इन लोगों को उजाड़ने का निर्णय किस आधार पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की इस कार्रवाई से आमजन की रातों की नींद हराम हो चुकी है और भय का माहौल पैदा हो गया है। काठगोदाम क्षेत्र का उदाहरण देते हुए विधायक ने कहा कि वहां मलिन बस्ती श्रेणी A में रहने वालों को प्रशासन ने डरा धमकाकर मकान तुड़वाए, लेकिन अब ऐसी एकपक्षीय कार्यवाही को हल्द्वानी में किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा। विधायक ने  अधिकारियों से कहा कि मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता, और यदि वे खुद प्रशासनिक पद पर होते तो ऐसी अमानवीय कार्रवाई के विरोध में इस्तीफ़ा दे चुके होते। भगवानपुर क्षेत्र का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां कई फौजी परिवारों के मकानों पर लाल निशान लगाए गए हैं। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि एक ओर जो सैनिक देश की सेवा करता है, उसे सम्मान देने के बजाय उसके घर को तोड़ने की तैयारी की जा रही है। इसके पश्चात विधायक हृदयेश कुसुमखेड़ा क्षेत्र पहुंचे, जहां उन्होंने नाले के नाम पर प्रभावित हो रहे परिवारों से मुलाक़ात कर उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ पूरी मज़बूती से उनके साथ खड़े हैं।

 

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