प्रांतीय नगर उधोग व्यापार मंडल ने उठाई समस्याएं, वित्त सचिव और कमिश्नर से की जीएसटी अधिकारियों की शिकायत

समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड 

 

जीएसटी विभाग के अधिकारियों के तानाशाही रवैये से क्षुब्ध होकर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल ने प्रदेश के वित्त सचिव रणवीर चौहान और जीएसटी कमिश्नर प्रतीक जैन से दूरभाष पर बातचीत कर व्यापारियों की दिक्कतों को उठाया। संगठन के प्रदेश प्रभारी वीरेंद्र गुप्ता ने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य के दोनों अधिकारियों को अवगत करवाया गया कि आपके अधिकारियों की कार्यशैली और व्यवहार बहुत ही खराब हे जिसकी जितनी निंदा की जाय वह बहुत कम हे स्थानीय स्तर के अधिकारी अपनी नाकामी छुपाने के लिए उच्च स्तर पर व्यापारियों की गलत सूचना दी जाती हे चूंकि आपको ग्राउंड लेबल की पूर्ण जानकारी नहीं होती हे रजिस्टर्ड व्यापारी कभी टैक्स चोरी को बढ़ावा नहीं देता हे कारोबार की व्यस्तता की वजह से सिर्फ कागज पत्र तैयारी में देरी होती हे इसका मतलब बिल्कुल नहीं हे कि व्यापारी गलत हे जीएसटी विभाग को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए कि वह अपना कार्य ईमानदारी पूर्वक और समय से करते हे ऐसा बिल्कुल नहीं है। गुप्ता ने कहा कि रजिस्टर्ड और टैक्स अदा कर रहे व्यापारियों को परेशान करने की बजाय गैर रजिस्टर्ड व्यापारी जो कुछ मोबाइल विंग और एसआईबी के अधिकारियों के साथ मिलकर प्रतिबंधित गुटका तथा डुप्लीकेट नकली सामान आदि के कारोबार में लिप्त हे ऐसे गैर रजिस्टर्ड कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए और इसमें लिप्त अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने के साथ इनकी आय संपत्ति की भी जांच की जानी चाहिये। इस पर जीएसटी कमिश्नर ने कहा कि शीघ्र ही प्रांतीय नगर की उद्योग व्यापार मंडल के साथ बैठक की जाएगी और अधिकारियों को निर्देश दिये जाएंगे कि भविष्य में किसी व्यापारी को नाजायज परेशान नहीं किया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि प्रदेश संरक्षक विनय गोयल प्रदेश अध्यक्ष सुभाष मोंगा और प्रदेश महामंत्री राजेन्द्र फर्स्वाण के नेतृत्व में शीघ्र व्यापार मंडल वित्त सचिव और जीएसटी कमिश्नर से मिलेगा।