समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल / जिला न्यायाधीश श्री प्रशांत जोशी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल पारुल थपलियाल के निर्देशन में 21 जुलाई को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज खुर्पाताल, नैनीताल में साइबर सुरक्षा हेतु विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में कंप्यूटर, इंटरनेट या किसी नेटवर्क के माध्यम से किया जाने वाला कोई भी गैरकानूनी या आपराधिक कार्य है। इसमें वित्तीय धोखाधड़ी (ऑनलाइन ठगी), पहचान की चोरी, वायरस फैलाना, डाटा की हैकिंग और सोशल मीडिया पर ब्लैकमेलिंग जैसे कार्य शामिल हैं। साइबर अपराधी बैंक अधिकारी या पुलिस बनकर फोन पर OTP (वन टाइम पासवर्ड) पूछना, लॉटरी/नौकरी का लालच देना, या फर्जी QR कोड स्कैन करवाकर पैसे उड़ा लेना,खुद को पुलिस या सरकारी अधिकारी बताकर वीडियो कॉल के जरिए डराना-धमकाना और पैसे ऐंठना। बैंक या किसी प्रतिष्ठित कंपनी के नाम से मिलते-जुलते फर्जी ई-मेल या मैसेज (SMS) भेजना और लुभावने लिंक पर क्लिक करवाकर व्यक्तिगत जानकारी चोरी करना।फर्जी आईडी बनाना, अश्लील फोटो या वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे वसूलना।बचाव के उपाय किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना पासवर्ड, ATM पिन या OTP कभी साझा न करें।फोन या ईमेल पर आए किसी भी संदिग्ध या लुभावने लिंक (अनजान लिंक) पर क्लिक न करें।अज्ञात वीडियो कॉल का जवाब देने से बचें और किसी भी प्रकार के दबाव या डर में न आएं।यदि आप किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं, तो वित्तीय नुकसान से बचने के लिए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें। शिविर में वीडियो के माध्यम से भी छात्राओं को जागरूक किया गया। शिविर में पुलिस उपाधीक्षक द्वारा भी छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव हेतु आवश्यक जानकारी दी गई।



