आरटीई में दाखिला देने वाले प्राइवेट स्कूलों के लिए अब यह अनिवार्यता, बच्चों के खाते में धनराशि न‌ पहुंचने पर होंगे जिम्मेदार

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समाचार शगुन, हल्द्वानी उत्तराखंड 
हल्द्वानी। आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत दाखिला देने वाले स्कूलों को ऑनलाइन नवीनीकरण कराना होगा। इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही बैंक खाता संख्या व आईएफसी कोड का सत्यापन भी किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी जगमोहन सोनी ने जिले के उपशिक्षाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। सोनी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि पिछले दिनों राज्य परियोजना निदेशक ने ऑनलाइन मीटिंग में जांच टीम बनाकर निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिये हैं। पत्र में कहा गया है कि पूर्व के सालों में देखा गया है कि छात्र प्रतिपूर्ति के लिए उनके बैंक अकाउंट एक्टिव न होने के कारण तमाम छात्रों की धनराशि वापस हो रही थी। ऐसे में विकास खंडों के निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधक को यह निर्देश देना सुनिश्चित करें कि यदि बच्चों के खाते में धनराशि न पहुंची तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की होगी। राज्य परियोजना कार्यालय से यह निर्देश दिये गये हैं कि बच्चों को छात्र प्रतिपूर्ति की धनराशि मिलने के बाद ही विद्यालय प्रतिपूर्ति की धनराशि निर्गत की जाएगी। कहा गया है कि जिन प्राइवेट स्कूलों की पूर्व में ऑफलाइन मान्यता प्रदान की गई हो तथा उनकी मान्यता अवधि को पांच वर्ष पूर्ण हो गये हैं या मान्यता समाप्त हो गई है, ऐसे विद्यालय ऑनलाइन तरीके से मान्यता नवीनकरण के लिए आवेदन करना सुनिश्चित करें अन्यथा ऐसे विद्यालयों की मान्यता न होने की स्थिति में प्रतिपूर्ति की धनराशि मान्यता मिलने तक प्रदान नहीं की जाएगी।

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