रामनगर के ढेला में याद किए गए काकोरी कांड के क्रांतिकारी और भारत छोड़ो आंदोलन के संग्रामी

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समाचार शगुन उत्तराखंड 

रामनगर के राजकीय इंटर कालेज ढेला में आज शुक्रवार को काकोरी कांड के क्रांतिकारियों और भारत छोड़ो आंदोलन के संग्रामियों को याद किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातकालीन सभा में काकोरी के शहीदों के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। उस दौर में प्रताप बोरा द्वारा लिखे गीत उठो हिटो ददा भूलियो, आज कसम हम खोला गाया गया। उसके पश्चात अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल ने‌ आज के दिवस के महत्व पर बातचीत रखते हुए बताया कि
अगस्त 1925 को लखनऊ के पास काकोरी में क्रांतिकारियों ने ट्रेन लूट ली। यह काम हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएसन के क्रांतिकारियों द्वारा किया गया। बाद में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, राजेंद्र लाहिड़ी, रोशन सिंह को फांसी हुई थी।
भारत छोड़ो आन्दोलन 8 अगस्त 1942 को आरम्भ किया गया । इसका लक्ष्य भारत से ब्रिटिश साम्राज्य को समाप्त करना था। यह आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मुम्बई अधिवेशन में शुरू किया गया था। यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विश्वविख्यात काकोरी काण्ड के ठीक सत्रह साल बाद 8 अगस्त सन 1942 को गांधी के आह्वान पर समूचे देश में एक साथ आरम्भ हुआ। यह भारत को तुरन्त आजाद करने के लिये अंग्रेजी शासन के विरुद्ध एक सविनय अवज्ञा आन्दोलन था। इस दिन के बाद से अगले पांच सालों तक अंग्रेज सरकार को जरा भी चैन नहीं मिल सका। देश में लगातार जिस तरह आंदोलन चल रहा था, उससे अंग्रेजों की पकड़ पूरी तरह ढीली हो गई। अंत में उनको जाना ही पड़ा। इस मौके पर बच्चों को भारत छोड़ो आंदोलन से संबंधित डाक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। प्रतिभागी बच्चों को पुरुस्कृत भी किया गया। इस मौके पर प्रधानाचार्य श्रीराम यादव, मनोज जोशी, नवेंदु मठपाल, सीपी खाती, शैलेंद्र भट्ट, संत सिंह, नफीस अहमद अहमद, हरीश कुमार, दिनेश निखुरपा, पद्मा, बालकृष्ण चंद, सुभाष गोला, जया बाफिला, उषा पवार, संजीव कुमार, प्रदीप शर्मा, नरेश सागर, सविता रावत आदि मौजूद थे।

 

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