इस स्कूल के 160 बच्चों ने गुरुद्वारा में मत्था टेका, सिख धर्म के इतिहास को जाना, देखें वीडियो

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समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड 

आज शनिवार 24 मई को सवेरे 8 बजे दून पब्लिक स्कूल के 160 विद्यार्थियों ने हल्द्वानी के गुरुद्वारा साहिब श्री गुरु सिंह सभा में दर्शन किये और सिख धर्म के इतिहास से अवगत हुए। इस दौरान गुरमत कीर्तन गुरबाणी गायन व सिख इतिहास की कथा विचार की गई।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मंच संचालक अमरजीत सिंह आनंद ने गुरु गोविंद सिंह के जीवन पर प्रकाश डाला और बताया कि गुरु गोविंद सिंह जी सिख धर्म के दसवें गुरु थे। उनका जन्म 22 दिसंबर 1666 को पटना, बिहार में हुआ था। उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के बाद, उन्होंने सिख धर्म की रक्षा और प्रचार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की, जिसने सिख धर्म को एक नई दिशा दी। उन्होंने सिखों को शौर्य, साहस और न्याय के लिए प्रेरित किया।उनके जीवन और शिक्षा से विद्यार्थी साहस और शौर्य, न्याय और समानता, धर्म और संस्कृति की रक्षा, नेतृत्व और प्रबंधन सीख सकता है। गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन हमें सिखाता है कि सच्ची निष्ठा, साहस और न्याय के साथ हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। अंत में गुरुद्वारा साहिब के हेड ग्रंथि सिंह द्वारा बच्चों के भविष्य की सफलता की अरदास कर समापन किया। इसके उपरांत विद्यार्थियों ने लंगर भी ग्रहण किया। बच्चों के साथ 30 शिक्षक व शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। दून पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल जयश्री तिवारी ने समूह सिख समाज व गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का धन्यवाद प्रकट किया। प्रबंधक कमेटी के सदस्यों ने उनको स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रबंधक कमेटी के मुख्य सेवादार वीरेंद्र सिंह चड्ढा, महासचिव कंवलजीत सिंह उप्पल, प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा अमन आनंद, मनलीन कोहली, जसवीर सिंह गोल्डी, अमरजीत सिंह बंटी, आनंद आदि उपस्थित थे।

 

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