इस तिरंगे की हिफाजत में गुजर जाएगी सारी जिंदगानी मेरी, यही तिरंगा बनेगा आखिरी निशानी मेरी, हल्द्वानी के दीक्षांत स्कूल में धूमधाम से मना 15 अगस्त

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समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड

देशभक्ति गीत व भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल में मनाया गया भारत का 78वां स्वतंत्रता दिवस।
आजादी दिवस के उपलक्ष्य में विद्यालय में रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें विद्यालय के प्रबंधक समित टिक्कू, एकेडमिक डायरेक्टर स्मृति टिक्कू, प्रधानाचार्य रूपक पांडे, समस्त समन्वयिकाएं, शिक्षक गण व समस्त विद्यार्थी मौजूद रहे। मुख्य अतिथि एवं निर्णायक मंडल के रूप में श्रीमान प्रेम गोस्वामी जी मंचासीन रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः वंदना, ध्वजारोहण व राष्ट्रगान एवं प्रभात फेरी के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यार्थियों ने स्वतंत्रता दिवस पर भाषण कविताएं तथा लघु नाटक प्रस्तुत किए । तदोपरांत प्रारंभ हुई देशभक्ति गीतों की अंतरसदनीय प्रतियोगिता। जिसमें बच्चों का उत्साह व जोश देखते ही बना। गीतों की धुन ने सभागार में उपस्थित सभी जनमानस को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतियोगिता के परिणाम में प्रथम स्थान पर अग्नि सदन ने कब्जा किया। मुख्य अतिथि प्रेम गोस्वामी ने अपने शब्दों में सभी विद्यार्थियों के कार्यक्रम की प्रशंसा की तथा उन्हें संगीत के अन्य नियमों से भी अवगत किया। हमेशा याद रहने वाला कार्यक्रम से डायरेक्ट समित टिक्कू ने अपने शब्दों की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की भरपूर सराहना की। स्वतंत्रता दिवस के लिए उन्होंने गांधीजी के शब्दों को याद करते हुए बोला कि आजादी का मतलब कुछ नया बनना नहीं है बल्कि इंसानियत के लिए खुद को जानना और बनाना है। सहायता से ज्यादा जरूरी है साथ, वो भी निस्वार्थ* इन पंक्तियों के साथ उन्होंने अपने शब्दों को समाप्त किया। अंत में विद्यालय के प्रधानाचार्य रूपक पांडे ने अपने व्यस्त दिनचर्या से समय निकाल कर आए आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेम गोस्वामी के इस अमूल्य समय हेतु धन्यवाद देते हुए स्मृति चिन्ह व पौधा भेंट स्वरूप प्रदान किया। प्रतियोगिता में विजयी हुए सदन के विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र व ट्रॉफी प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

 

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