अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर पुछड़ी में निकाली रैली

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समाचार शगुन उत्तराखंड 

संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर जोतीबा ,सावित्रीबाई फुले सायंकालीन स्कूल की पहल पर रामनगर पुछड़ी में स्कूली बच्चों द्वारा एक रैली निकाली गई। रैली के शुभारंभ पर बोलते हुए स्कूल संयोजक नवेंदु मठपाल ने कहा भीमराव आंबेडकर का जीवन एक ऐसे व्यक्ति के महान संघर्ष की
साहसिक गाथा है, जिसने ‘अछूतों’ के परिवार में जन्म लेने के बावजूद भी जीवन की तमाम ऊँचाइयों को छुआ तथा अपनी योग्यता एवं कठिन परिश्रम के बल पर महत्त्वपूर्ण पदों को प्राप्त किया। डॉ. अंबेडकर हमारे राष्ट्र के उन विशिष्ट पुत्रों में से एक हैं जिनके जीवन तथा कार्यों ने स्वतंत्रता पूर्व की नई तथा पुरानी दोनों ही पीढ़ियों को प्रभावित किया तथा प्रेरणा प्रदान की। स्वातंत्र्योत्तर भारत के संविधान को निर्मित करने में उनका उल्लेखनीय योगदान है। डॉ. अंबेडकर ने शोषित वर्गों की दशा सुधारने के लिए निडरतापूर्वक संघर्ष किया और इस संघर्ष में अपनी दुर्लभ दुःसाहसिक भावना का परिचय देते हुए समकालीन भारत के निर्माताओं में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान बनाया। इस मौके पर बोलते हुए विद्यालय के शिक्षक सुमित कुमार ने कहा, आज के बदलते दौर में अम्बेडकर के विचारों की जरुरत पहले से भी ज्यादा है, अम्बेडकर ने भारतीय समाज के केवल एक पक्ष दलितों के हितार्थ ही काम नहीं किया बल्कि महिलाओ, मजदूरों के हित में भी बहुत ही महत्वपूर्ण काम किया।इस मौके पर बच्चों द्वारा अनेक रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। सायकलीन स्कूल के प्रांगण से शुरु होकर पूछड़ी एकता चौक पर जाकर जनसभा में तब्दील हो गई। इस मौके पर सुजल, पिंकी,नंदराम आर्य,,बालकृष्ण चंद,सुभाष गोला, रुखसाना, गुंजन देवी, डोली देवी, धर्मपाल, किशनपाल, आशा देवी, मीना देवी, मोईन खान, जावेद, रुखसार आदि मौजूद रहे।

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