समाचार शगुन उत्तराखंड
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति पर चलते हुए धामी सरकार ने हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले में अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने आइएएस और हरिद्वार के तत्कालीन नगर आयुक्त वरुण चौधरी की सेवा से बर्खास्तगी की संस्तुति की है, जबकि तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह के विरुद्ध मेजर पनिशमेंट (दीर्घ शास्ति) की संस्तुति की गई है। इसके तहत कर्मेंद्र सिंह के विरुद्ध दो वेतन वृद्धि पर तीन वर्ष के लिए रोक की संस्तुति की गई है। प्रदेश के इतिहास में यह पहला मामला है जब किसी आइएएस अधिकारी के खिलाफ बर्खास्तगी की संस्तुति की गई है। साथ ही तत्कालीन एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध भी परिनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने तथा उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने की संस्तुति उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को की गई है। इस प्रकरण में छह कार्मिकों व चार व्यक्तियों को मिलाकर 10 के खिलाफ अभियोग दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।



