समाचार शगुन उत्तराखंड
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पुछड़ी में विगत दिनों वन भूमि पर अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। ध्वस्तीकरण की कार्यवाही में वहां रह रहे लोगों के व्यक्तिगत मकानों के साथ साथ साथ एक ऐसा स्कूल भी ध्वस्तीकरण के निशाने पर आ गया जहां बड़ी संख्या में मजदूर परिवारों से जुड़े बच्चे शाम को अपनी पढ़ाई करते थे। 2020 में कोसी में आई भंयकर बाढ़ से यह क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ था
उसी समय गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए काम कर रहे सरकारी शिक्षकों के संगठन रचनात्मक शिक्षक मंडल ने 26 नवंबर संविधान दिवस पर 2020 में यहां सावित्रीबाई फुले, जोतिबा फुले सायंकालीन स्कूल खोला।स्थानीय बच्चों को पढ़ाना शुरू किया। विगत 6 वर्षों में सैकड़ों बच्चों ने इस स्कूल से जुड़ शिक्षा की मुख्यधारा में प्रवेश किया। वर्तमान में भी लगभग 150 बच्चे इस अभियान से जुड़े हैं पर स्कूल टूट जाने से उनकी पढ़ाई बाधित हो गई । पर शिक्षक मंडल की टीम ने तय किया कि वे बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने देंगे और आज पुराने स्कूल से कुछ दूरी पर फिलहाल खुले आसमान के तले स्कूल पुनः शुरू कर दिया गया है। आज पूछड़ी क्षेत्र की 5 अभिभावक महिलाओं गुंजन देवी,रिहाना,शाइस्ता,ज्योति देवी, सुनीता देवी,अंजुम ने सांप्रदायिक एकजुटता,सौहार्द का परिचय दे नए स्कूल का विधिवत उद्घाटन किया।इस मौके पर रचनात्मक शिक्षक मंडल के संयोजक नवेंदु मठपाल ने कहा कि अभी सायंकालीन स्कूल खुले आसमान के नीचे चल रहा है पर शीघ्र ही जनसहयोग से इसका एक छप्पर तैयार कर स्थिति को कुछ बेहतर कर लिया जाएगा।शिक्षक मंडल का प्रयास रहेगा कि पढ़ाई हेतु बच्चों को जो भी संभव हो सहायता की जाय और उनकी पढ़ाई बाधित ना होई। इस मौके पर बच्चों को शैक्षणिक सामग्री भी दी गई।
इस मौके पर विद्यालय संचालक मंडल सदस्य नंदराम आर्य, बालकृष्ण चंद,सुभाष गोला,सुमित कुमार,सुजल कुमार,पिंकी,रब्बानी आदि अभिभावक मौजूद रहे।
