समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखण्ड ने हल्द्वानी में डिग्री कालेज के निकट डीडी पार्क में एकत्र होकर भगत सिंह के जन्म दिवस पर भगत सिंह को पुष्प अर्पित किए व उनके विचारो पर चर्चा की। भोजनमाताओं की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर विधायक सुमित हृदयेश को अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि भोजनमाताएँ वर्षों से विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन बनाने और परोसने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें मात्र लगभग ₹3,000 के मानदेय में काम करना पड़ रहा है। महंगाई के दौर में इतनी कम राशि से परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। इसके बावजूद उनसे भोजन बनाने के साथ-साथ सफाईकर्मी, माली और चौकीदार तक के काम लिए जा रहे हैं। झाड़ियाँ कटवाने, विद्यालय परिसर की सफाई, पानी की व्यवस्था और विद्यालय बंद करवाने जैसे कार्य भी उनसे कराए जाते हैं। संगठन ने कहा कि कई विद्यालयों में चार भोजनमाताओं में से एक को दूसरे विद्यालयी कार्य में लगा दिया जाता है, जिससे उसके हिस्से का काम भी बाकी भोजनमाताओं पर डाल दिया जाता है। चुनाव ड्यूटी में भी उनकी सेवाएँ ली जाती हैं, लेकिन अतिरिक्त कार्य का कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। उन्हें नियमित अवकाश की सुविधा भी पर्याप्त रूप से नहीं मिलती।
संगठन ने कहा कि अनेक भोजनमाताएं 10–20 वर्ष या उससे अधिक समय से काम कर रही है फिर भी उनका रोजगार सुरक्षित नहीं है। विद्यालय बंद या विलय होने पर उनके सामने बेरोजगारी का संकट खड़ा हो जाता है। एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करती है, दूसरी ओर सरकारी विद्यालयों में काम करने वाली महिलाओं को सम्मानजनक पारिश्रमिक तक नहीं मिल रहा है। अतिरिक्त कार्य का अलग पारिश्रमिक मिले, अवकाश की स्पष्ट व्यवस्था हो, वर्षों से कार्यरत भोजनमाताओं को रोजगार सुरक्षा दी जाए तथा विद्यालय बंद या विलय होने पर उन्हें नजदीकी विद्यालय में समायोजित किया जाना चाहिए। विधायक सुमित हहृदयेश ने कहा कि इस मुद्दे को वह विधानसभा में रखेंगे। ज्ञापन देने में महामंत्री रजनी, प्रचार मंत्री चंपा गिनवाल, ब्लॉक अध्यक्ष पुष्पा कुड़ई, भावना, हेमा भट्ट आदि कई भोजन माता शामिल रही।
