समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड

नैनीताल जिले के हल्द्वानी में प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र व प्रगतिशील भोजनमाता संगठन द्वारा महंगाई के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान तेल महंगा, चीनी महंगी—कैसे चले जनता की जिंदगी, बढ़ती महंगाई के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें : नामक पर्चे वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र कि उपाध्यक्ष रजनी ने किया सभा का संचालन करते हुए रजनी ने कहाँ कि देश में लगातार बढ़ती महंगाई ने आम मेहनतकश जनता के सामने जीवन-यापन का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। आटा, दाल, चावल, चीनी, खाद्य तेल, सब्जियां, दूध, मसाले, रसोई गैस और सार्वजनिक परिवहन सहित रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं का खर्च लगातार बढ़ रहा है। दूसरी ओर मजदूरों, छोटेमोटे किसानों, घरेलू कामगारों, भोजनमाताओं, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और अन्य कम आय वाले कामगारों की आय महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ी है। भोजनमाता संगठन कि ब्लाॅक अध्यक्ष पुष्पा कुड़ई ने कहा कि आज आम परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल है—कम होती आमदनी में बढ़ती महंगाई के साथ घर कैसे चले? पहले जिस रकम में परिवार सप्ताह भर की सब्जियां और जरूरी सामान खरीद लेता था, अब उसी रकम में कुछ दिनों का सामान खरीदना भी मुश्किल हो गया है। खाद्य तेल जैसे उत्पादों में कीमत बढ़ने के साथ पैकेज की मात्रा घटने की शिकायतें भी उपभोक्ताओं के सामने हैं। यानी जनता को कई मामलों में कम सामान के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र कि अध्यक्ष बिन्दु ने कहा कि महंगाई की सबसे बड़ी मार रसोई पर बढ़ती कीमतों का सबसे गहरा असर मजदूर और मेहनतकश परिवारों की रसोई पर पड़ रहा है। खाद्य पदार्थ महंगे होने के कारण परिवारों को अपने भोजन में कटौती करनी पड़ रही है। इसका असर बच्चों के पोषण और महिलाओं के जीवन पर विशेष रूप से पड़ता है। सरिता ने कहाँ कि घर का बजट बिगड़ने पर सबसे पहले महिलाओं को ही अपने भोजन और जरूरतों में कटौती करनी पड़ती है। गीता काजल ने कहा कि भोजनमाताओं के लिए महंगाई और कम मानदेय दोहरी मार पढ़ रही है। भोजनमाताएं विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने और उनके पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लेकिन स्वयं भोजनमाताओं का जीवन बेहद कम मानदेय और बढ़ती महंगाई के बीच गुजर रहा है। रेखा ने कहा कि मंहगाई के अनुपात में वेतन में वृद्धि नहीं हुई है।यह सरकार का गैर जिम्मेदराना व्यवहार है। परिवर्तन कामी छात्र संगठन के महासचिव महेश ने कहा कि जनता को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। महंगाई के खिलाफ जनता को एकजुट होना होगा। क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन से मुकेश जी ने कहा कि सरकार आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर प्रभावी नियंत्रण करे, जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाए, सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत करे ताकि मजदूरी और वेतन में महंगाई के अनुरूप वृद्धि सुनिश्चित हो सके। सभा में बाबू भाई, रेखा अन्य कई साथीयों ने बढ़ती मंहगाई के विरोध में अपनी बातें रखी। सभा से पहले सभी साथी अंबेडकर पार्क मंगल पड़ाव पर एकत्र हुए वहाँ से जूलूस एस0डी0एम कार्यालय पहुंचा वहा मुख्यमंत्री महोदय के नाम ज्ञापन प्रेषित किया गया जूलूस वहा से आगे बुद्ध पार्क पहुंचा जहाँ महंगाई के विरोध में मंहगाई व पूंजीवादी व्यवस्था का पुतला दहन किया गया कार्यक्रम में पुष्पा गीता, पुष्पा, भावना, हीरा, तारा, मलका रानी, मिनाक्षी, साहिन आदि कई महिलाएं शामिल रही




