समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में मानसिक रूप से कमजोर 15 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पोक्सो अदालत ने टेंपो चालक मो. नदीम को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। विशेष सत्र न्यायाधीश (पोक्सो) एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) सविता चमोली की अदालत ने दोषी पर कुल 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। विद्वान विशेष लोक अभियोजक गोकुल चन्द्र पनेरू के अनुसार घटना 28 जुलाई 2024 की शाम की है। किशोरी की मां ने उसे पियानो सीखने के लिए टेंपो में बैठाया था। आरोप था कि लाइन नं. 5, बनभूलपुरा निवासी चालक नदीम पुत्र मो. मोबिन उसे कक्षा में ले जाने के बजाय नुमाइश से आगे एक सुनसान स्थान पर ले गया और दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। घर पहुंचकर किशोरी ने मां को आपबीती बताई, जिसके बाद हल्द्वानी कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने 29 जुलाई 2024 को आरोपित को गिरफ्तार कर घटना में प्रयुक्त टेंपो कब्जे में लिया। 24 सितंबर 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अदालत ने बीते गुरुवार को फैसला सुनाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने पीड़िता को प्रतिकर योजना के तहत चार लाख रुपये दिलाने की संस्तुति भी की।
