देश सेवा का सपना रह गया अधूरा, ट्रेनिंग में अग्निवीर की मौत

समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड

ऊधमसिंहनगर जिले के शक्तिफार्म में अग्निवीर जवान के रूप में ट्रेनिंग ले रहे युवक की तबीयत बिगड़ने से पुणे के आर्मी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। जवान का ट्रेनिंग का मात्र एक सप्ताह ही शेष रह गया था। अग्निवीर का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार शाम तक यहां पहुंचने की संभावना है। पिपलिया गांव निवासी जोगेंद्र सिंह के तीन बेटे में से छोटे दो बेटे अमनजीत सिंह और रमनजीत सिंह का गत वर्ष एक साथ अग्निवीर के लिए चयन हुआ था। छोटे पुत्र रमनजीत (18 ) का पुणे में प्रशिक्षण चल रहा था। जबकि मझले बेटे अमनजीत का बंगलुरु में प्रशिक्षण चल रहा है। रमनजीत के चाचा बलकार सिंह ने बताया कि रविवार दोपहर पुणे से अमनजीत ने परिजनों को फोन कर बुखार होने की जानकारी दी। बताया कि शाम को पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे आर्मी अस्पताल में भर्ती किया गया। तबियत में सुधार नहीं होने की जानकारी मिलने पर रमनजीत के पिता जोगेंद्र सिंह अपने दामाद को लेकर मंगलवार की सुबह पुणे पहुंचे। वहां इलाज के दौरान रमनजीत ने बुधवार दोपहर अंतिम सांस ली। चाचा बलकार ने बताया कि रमनजीत के प्रशिक्षण का अब मात्र एक सप्ताह का समय शेष रह गया था। अग्निवीर के रूप में देश सेवा का सपना पाले रमनजीत बहुत उत्साहित था। रमनजीत का बड़ा भाई पवनजीत खेती बाड़ी करता है। पिता जोगेंद्र सिंह सिडकुल के एक उद्योग में तैनात है। पुत्र की मृत्यु से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।

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