ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने उठाई मांग, पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाओ

ख़बर शेयर करें

समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड 

संसद का बजट सत्र फरवरी की शुरुआती सप्ताह से आरंभ हो रहा है। इस सत्र के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2026-2027 का केंद्रीय बजट मोदी सरकार 3.0 का बजट पेश करेंगी। आगामी बजट को लेकर भारत सरकार और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जी से व्यापारी और ट्रांसपोर्टर काफी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा व ट्रांसपोर्ट महासंघ के अध्यक्ष राकेश जोशी ने आगामी बजट देखते हुए वित्त मंत्री भारत सरकार से मांग करी है कि पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, जिससे ट्रांसपोर्ट व्यवसाई को कुछ राहत मिल सके।
व्यापारियों द्वारा निम्न मांगे की गई है
– पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
– बजट व्यापारी हित और ट्रांसपोर्टर हित में होना चाहिए।
– बढ़ती महंगाई, बढ़ती टैक्स, इंश्योरेंस, जीएसटी, अथवा महंगे होते पार्ट्स, टायर ट्यूब, बैटरी, टोल प्लाजा, चालक परिचालक वेतन पर अंकुश लगाया जाए।
– मध्यम वर्ग का विशेष ध्यान रखा जाए।
– उत्तराखंड पर्वतीय राज्य को देखते हुए विशेष पैकेज की घोषणा की जाए।
– ई-कामर्स करने वाले व्यापारियों से छोटा व्यापारी भी प्रतिस्पर्धा कर सकें,
– बजट सरल और व्यापारी हित में होना चाहिए।
हम आशा करते हैं कि वित्त मंत्री जी हमारे इन मांगों पर विचार करेंगी और बजट में व्यापारी वर्ग का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
मांग करने वालों में ललित रौतेला, उमेश पांडे, ललित पाठक भास्कर जोशी किशन कोश्यारी ट्रांसपोर्टर नेता पंडित दया किशन शर्मा सहित लोगों ने बजट में राहत की मांग की है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *