वाटरफॉल में नहाते चार डाक्टर डूबे, एक की मौत

समाचार शगुन डेस्क उत्तराखंड 

एक डॉक्टर की झरने में डूबने से दुखद मौत हो गई है। रिम्स अस्पताल के 26 इंटर्न डॉक्टरों का एक समूह पिकनिक मनाने के लिए रांची से करीब 40 किलोमीटर दूर एक वाटरफॉल पर नहाने गया था। इसी दौरान नहाते समय चार डॉक्टर डूबने लगे, जिनमें से एक की जान चली गई। इस घटना की खबर लगते ही रिम्स अस्पताल परिसर में शोक की लहर फैल गई। जानकारी के अनुसार, झारखंड की राजधानी रांची के सबसे बड़े अस्पताल, राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (रिम्स) अस्पताल के 2019 एमबीबीएस बैच के 26 इंटर्न डॉक्टरों का दल बीते रविवार को पिकनिक के लिए रांची से लगभग 40 किलोमीटर की दूरी पर खूंटी जिले के तोरपा स्थित प्रसिद्ध पेरवाघाघ वाटरफॉल पहुंचा था। वहां मौज-मस्ती के दौरान डॉ.अभिषेक खलखो, डॉ.कीर्तिवर्धन, डॉ.जासुआ टोप्पो और डॉ.अजय मोदी सहित कुछ अन्य डॉक्टर पानी में उतरकर नहाने लगे। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण ये चारों डॉक्टर डूबने लगे। डूबते देख डॉक्टरों के अन्य साथियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। चीख-पुकार सुनकर स्थानीय गोताखोरों ने झरने के गहरे पानी में उतरकर तीन इंटर्न डॉक्टरों को तो सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन डॉ. अभिषेक खलखो को जब पानी से बाहर निकाला गया तो उनकी हालत बेहद गंभीर थी। आनन-फानन में उन्हें तोरपा के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों की टीम ने तत्काल उन्हें रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया। रिम्स अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों की टीम ने जांच के बाद डॉ.अभिषेक को मृत घोषित कर दिया। रिम्स अस्पताल के एक डॉक्टर की पेरवाघाघ वाटरफॉल में डूबकर हुई मौत की सूचना मिलने के बाद पूरे अस्पताल परिसर में मातम छा गया। डॉ. अभिषेक खलखो एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद रांची के रिम्स अस्पताल में इंटर्नशिप कर रहे थे। मृतक डॉक्टर मूलरूप से खूंटी के रहने वाले थे, लेकिन उनका पूरा परिवार महाराष्ट्र के नागपुर में शिफ्ट हो गया है।

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