जलजीवन मिशन के‌ कार्यों की जीओ टैगिंग से रोजाना मानिटरिंग करें अफसर, कुमाऊं कमिश्नर ने की योजना की समीक्षा

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समाचार शगुन, हल्द्वानी उत्तराखंड 

कुमाऊ मण्डल की जलजीवन मिशन की समीक्षा के दौरान आयुक्त दीपक रावत ने सभी जनपदों के नोडल जलजीवन मिशन के अधिकारियों को प्रतिदिन कार्यों की मानिटरिंग करने के निर्देश बैठक में दिये।
आयुक्त ने शुक्रवार को हल्द्वानी कैंप कार्यालय में बैठक लेते हुए कुमाऊं मण्डल के अधिकारियों को निर्देश दिये कि जो योजनायें धरातल पर पूर्ण हो चुकी हैं लेकिन विद्युत संयोजन के कारण योजना प्रारम्भ नहीं हो पा रही है उनकी सूची देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन की प्रत्येक योजनाओं के बारे में नोडल मुख्य अभियंता को जानकारी होना आवश्यक है कि योजना में कितना प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। अगर किसी योजना में कार्य मे रूकावट हो रही है तो सम्बन्धित उच्च अधिकारी को भी इसका संज्ञान होना आवश्यक है। मार्च 2024 तक यह कार्य पूर्ण होना है। उन्होंने कहा कि यूपीसीएल, वन विभाग, जल संस्थान व जल निगम आपसी समन्वय कर कार्य को समयावधि में पूर्ण करना सुनिश्चित करेंगे। आयुक्त ने कहा जो योजनायें में 75-99 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है उन योजनाओं को फरवरी तक पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों को जलजीवन मिशन कार्य को संवेदशीलता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने जल जीवन मिशन के अधिकारियों को स्थलीय निरीक्षण के साथ ही मानिटरिंग भी करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने कहा कि 15 दिनों के भीतर जलजीवन मिशन के कार्यां के प्रगति की समीक्षा की जायेगी। उन्होंने कहा कि कुमाऊ मण्डल में जलजीवन मिशन की जो भी योजनायें क्रियाशील है उन योजनाओं के लिए अधिकारियों के साथ ही ठेकेदार का वाट्सअप ग्रप बनाकर स्थलीय जीओ टैगिंग के माध्यम से कार्यों की प्रतिदिन मानिटरिंग की जाय। बैठक में उपनिदेशक अर्थसंख्या राजेन्द्र तिवारी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान विशाल सक्सेना, महाप्रबन्धक जल संस्थान अहमद अंसारी, मुख्य अभिंयता जलजीवन मिशन विकास कुमार, दीपक मलिक, अधिशासी अभियंता बिलाल यूसुफ के साथ ही कुमाऊ मण्डल के जलजीवन मिशन के अधिकारी उपस्थित थे।

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