समाचार शगुन उत्तराखंड
ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर जिला अस्पताल से रेडियोलॉजिस्ट, चार स्त्री रोग विशेषज्ञ समेत दस चिकित्सकों के स्थानांतरण के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला अस्पताल परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी के नेतृत्व में पहुंचे कांग्रेसियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने चिकित्सकों के तबादले तत्काल निरस्त कर अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बहाल करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल पहले से ही चिकित्सकों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और आवश्यक दवाइयों की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में चिकित्सकों का एक साथ स्थानांतरण कर सरकार ने मरीजों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सैकड़ों मरीज इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टरों के अभाव में उन्हें बिना उपचार के लौटना पड़ रहा है या फिर निजी अस्पतालों का रुख करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में समाहित किए जाने के बाद भी यहां स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उल्टा विशेषज्ञ चिकित्सकों के लगातार तबादलों से व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.के. तिवारी का हल्द्वानी स्थानांतरण कर दिया गया है। आर्थाेपेडिक विशेषज्ञ डॉ. डी.के. त्रिपाठी को पिथौरागढ़ भेज दिया गया है, जबकि स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता त्रिपाठी, डॉ. तनुजा सिन्हा, डॉ. सुरेश अरोरा और डॉ. संतवंत कौर का भी स्थानांतरण हो चुका है। अब पूरे अस्पताल में केवल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु माथुर ही बची हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल के एकमात्र रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश कुमार के स्थानांतरण के बाद अब अल्ट्रासाउंड जांच करने वाला कोई विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं बचा है। इसके अलावा एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. यदुराज भट्ट और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस.के. गोस्वामी का भी तबादला कर दिया गया है। एकमात्र सर्जन डॉ. गगनदीप मिश्रा ने भी सरकार की नीतियों से नाराज होकर इस्तीफा दे दिया, जिससे ऑपरेशन थिएटर का संचालन प्रभावित हो गया है। मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्राचार्य एवं सर्जन डॉ. केदार सिंह शाही का भी पिथौरागढ़ स्थानांतरण कर दिया गया है। ठुकराल ने कहा कि संपन्न लोग निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं, लेकिन गरीब, मजदूर और मलिन बस्तियों में रहने वाले लोग पूरी तरह जिला अस्पताल पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण जिला अस्पताल अब इलाज का केंद्र न रहकर केवल रेफर सेंटर बनकर रह गया है। मरीजों को छोटी से छोटी जांच और उपचार के लिए भी अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने कहा कि सरकार को आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़े इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थानांतरण निरस्त कर अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई तो कांग्रेस व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। प्रदर्शन में अरशद खान, परिमल राय, इंद्रजीत सिंह, सुशील मंडल, दिलशाद अहमद, फरमान अहमद, राम भरोसे, सतीश कुमार, आशीष श्रीवास्तव, अंकित कुमार, काशी राम, राम सेवक, भूरा गुप्ता, राम कुमार कोली, सोनू कोली, मनीष कुमार, बाबू विश्वकर्मा, संजीव, हरी चंद्र ढाली, अशोक शाह, दिनेश कोली, उमाशंकर, मोहन कुमार, जगदीश दास, राजू गुप्ता, दीप प्रकाश, प्रीति साना, सुनील चुघ, उमा सरकार, राधेश्याम, करु मंडल, अजय नारायण, तपन सिकदार, छत्रपाल सिंह, सुरजीत सिंह, प्रमोद बोरा, विनय ढाली, राकेश, सुनील हाल्दार, कमल मालाकार सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।



