समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
शिक्षा के सरोकारों से जुड़े शिक्षकों ने आज एक संगोष्ठी आयोजित कर सरकार से मांग की कि क्लस्टर स्कूल प्रणाली योजना पर रोक लगाए और सरकारी शिक्षा को मजबूत किया जाए. स्थानीय वेंकट हॉल में हुई गोष्ठी में बोलते हुए राजकीय शिक्षक संघ के
प्रांतीय नेता नवेंदु मठपाल ने कहा कि क्लस्टर स्कूल योजना सरकारी शिक्षा को तबाह करने की योजना है। इसमें सरकारी शिक्षा का निजीकरण ही तेज होगा। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ महेश बबाड़ी ने कहा सरकार शिक्षकों को आर्थिक हानि पहुंचाकर और शिक्षण के अतिरिक्त अन्य कार्यों में उलझाकर सरकारी विद्यालयों में पठन -पाठन को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है।
पूर्व जिला उपाध्यक्ष और प्रांतीय संयुक्त मंत्री प्रत्याशी विनोद जीना ने कहा कि सरकार शिक्षकों का सम्मान करे और समय पर सबकी पदोन्नति करे। साथ ही सार्वजनिक शिक्षा का सरकारी वार्षिक बजट जीडीपी के 6% तक सुनिश्चित करे और विद्यालयों का वातावरण शिक्षण के अनुकूल बनाए। सुरेश उप्रेती ने संगोष्ठी का संचालन किया। बैठक में पूर्व जिला अध्यक्ष विवेक पांडे, कंचन जोशी, जनपद संयुक्त मंत्री गिरीश कांडपाल, दिनेश कर्नाटक,राजेंद्र जोशी,त्रिलोक बृजवासी, त्रिलोक तिवारी, सुरेश भट्ट, गिरीश पनेरू, हेम जोशी,निर्मल न्योलिया, मनोज पांडे, राजेंद्र द्विवेदी, मुकेश भट्ट, राकेश कुमार बौद्ध, जयकिशन, पूर्व मंडल उपाध्यक्ष सुरेश उप्रेती, बसंतबल्लभ भट्ट, विद्यासागर पंत, मोहन सिंह नेगी, मनीष त्रिपाठी, पूरन सिंह बिष्ट, धीरेन्द्र मिश्रा, मुकेश कुंडलिया और विनोद जीना उपस्थित थे।



