समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के तेज गेंदबाज देवेंद्र बोरा ने विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में एक बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने शुक्रवार 26 दिसंबर को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में मुंबई और उत्तराखंड के बीच खेले गए मुकाबले में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा को पहली ही गेंद पर शून्य के स्कोर पर आउट कर दिया। यह देवेंद्र के लिस्ट-ए करियर का केवल तीसरा मैच था। मुंबई की टीम टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी थी। पारी की शुरुआत करने आए रोहित शर्मा ने पहले ओवर की पहली गेंद पर पुल शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद सीधे फाइन लेग बाउंड्री पर खड़े उत्तराखंड के फील्डर जगमोहन नागरकोटी के पास गई, जिन्होंने शानदार फुर्ती दिखाते हुए कैच लपक लिया। इस तरह रोहित शर्मा गोल्डन डक का शिकार हुए। इस ऐतिहासिक विकेट के साथ ही स्टेडियम में मौजूद दर्शकों और पूरे क्रिकेट जगत में सनसनी फैल गई। मैच के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर “रोहित शर्मा को पहली गेंद पर आउट करने वाले गेंदबाज” के रूप में देवेंद्र बोरा ट्रेंड करने लगे। लोग उनके बारे में जानने के लिए उत्सुकता से सर्च कर रहे थे। देवेंद्र बोरा एक साधारण किसान परिवार से आते हैं और इसी साल 25 वर्ष के हुए हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में देहरादून में पुडुचेरी के खिलाफ अपना पहला रणजी ट्रॉफी मुकाबला खेलकर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कदम रखा था। इतने कम अनुभव के बावजूद उन्होंने दुनिया के दिग्गज बल्लेबाज को पवेलियन भेजकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पूर्व संयुक्त सचिव सुरेश सिंह ने इस उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए कहा कि देवेंद्र की यह सफलता उत्तराखंड क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि देवेंद्र जैसे खिलाड़ी प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं और यह साबित करते हैं कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। बागेश्वर समेत पूरे उत्तराखंड में देवेंद्र बोरा की इस उपलब्धि पर खुशी की लहर है। एक छोटे से पहाड़ी जिले से निकलकर देश के सबसे बड़े बल्लेबाजों में शुमार रोहित शर्मा को गोल्डन डक पर आउट करना न केवल देवेंद्र के करियर की बड़ी उपलब्धि है, बल्कि उत्तराखंड क्रिकेट के उज्ज्वल भविष्य का भी संकेत है।



