समाचार शगुन उत्तराखंड
29 जून को हुए रामनगर में हुए “मथुरादत्त मठपाल स्मृति साहित्य सम्मान” कार्यक्रम के दौरान शिक्षक साथी हरीश आर्य “हरिमन दा” द्वारा मथुरादत्त मठपाल की कविता “पारभती” को गेय रूप में प्रस्तुत किया गया। “दुदबोलि” उत्तराखंडी लोकभाषाओं
में लिखी गई साहित्यिक कविताओं को भविष्य में संगीतमय प्रस्तुति के साथ लाने की योजना बना रही है ताकि आम जनमानस में उत्तराखंडी लोकभाषाओं में लिखी गई अधिकतम कविताएं पहुंच सकें। कैसी है हमारी योजना…



