समाचार शगुन उत्तराखंड
सावित्रीबाईफुले सायंकालीन स्कूल की पहल पर सांवल्दे (पश्चिम),रामनगर में दो दिवसीय घुघुती त्यार कार्यक्रम होगा। यह जानकारी कार्यक्रम आयोजक नवेंदु मठपाल ने दी। मठपाल के अनुसार यह एक ऐसा उत्सव है जहाँ प्रकृति, संस्कृति और लोक समुदायों का ताना बाना एक साथ बुना जाता है। उत्तराखंड के पर्वतों में परंपराऐं पुस्तकों में नहीं लिखी जाती, बल्कि वे पक्षियों के गीतों में गूँजती हैं, वनों की ध्वनियों में सुनाई देती हैं, और पीढ़ी दर पीढ़ी सौंपी जाती हैं। इस अवसर पर 13 जनवरी को प्रातः 11 बजे से कन्या जूनियर हाई स्कूल सांवल्दे (पश्चिम) के नजदीक बच्चों के साथ बर्ड वाचिंग की जाएगी. जबकि 14 जनवरी को स्थानीय ग्रामवासियों के साथ घुघुती त्यार मनाते हुए पंचायत भवन, सांवल्दे (पश्चिम) में कुली बेगार आन्दोलन के संग्रामी पुरखो को याद किया जाएगा



