नाबालिग के साथ छेड़छाड़ से गुस्साए लोगों का एसएसपी आफिस पर प्रदर्शन

समाचार शगुन उत्तराखंड

 एक नाबालिग छात्रा के साथ छेड़छाड़ और विरोध करने पर उसके पूरे परिवार को घर में घुसकर बेरहमी से पीटने के मामले में कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार का धैर्य जवाब दे गया है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के नेतृत्व में दर्जनों लोगों ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच के साथ आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। ठुकराल ने इस दौरान पुलिस पर सत्ता पक्ष के दबाव में काम करने का आरोप लगाते हुए तीखा रोष व्यक्त किया। मामला बीती 4 मार्च 2026 का है, जब वार्ड नंबर 23 मोहल्ला रम्पुरा निवासी राजीव कोली की 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री, जो सनातन कन्या इंटर कॉलेज में कक्षा 11 की छात्रा है, घर के बाहर गली में खड़ी थी। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस के ही अंकित, रिंकू और लालता ने अपने 4-5 अन्य साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ छेड़खानी शुरू कर दी। छात्रा किसी तरह अपनी जान और इज्जत बचाकर घर के भीतर भागी, लेकिन आरोपी एक राय होकर घर के अंदर घुस आए। आरोपियों ने घर में घुसकर छात्रा के कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ अश्लील हरकतें कीं। जब छात्रा की माँ रेखा, दादी आशा देवी और 11 वर्षीय छोटी बहन ने बीच-बचाव किया, तो दबंगों ने उन्हें डंडों, बेल्टों और लात-घूसों से लहूलुहान कर दिया। पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने 112 नंबर पर कॉल किया, लेकिन कोई पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। कोतवाली पुलिस ने केवल छात्रा और उसकी माँ का मेडिकल कराने की औपचारिकता पूरी की, जबकि अन्य घायलों को बिना मेडिकल के ही लौटा दिया गया। पीड़ित राजीव कोली का कहना है कि आरोपी पक्ष भाजपा की एक महिला पार्षद का परिवार है, जिसके कारण पुलिस उन पर हाथ डालने से कतरा रही है। आरोपियों द्वारा अब भी परिवार को जान से मारने और बेटी को घर से उठाकर ले जाने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। एसएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक ओर सरकार बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर भाजपा पार्षद का परिवार ही बेटियों की आबरू से खिलवाड़ कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस राजनीतिक रसूख के चलते इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है। कहा कि रम्पुरा जैसी घनी बस्ती में दिनदहाड़े एक परिवार की बेटियों और महिलाओं के साथ ऐसी दरिंदगी होना और फिर रसूख के चलते पुलिस का मौन रहना बेहद शर्मनाक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई और पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। मामले में एसएसपी अजय गणपति ने तुरंत कोतवाल को कार्यवाही के आदेश भी दिये। प्रदर्शन करने वालों में अजय नारायण सिंह, चन्द्रपाल कोली, दिनेश कोली, राम सेवक कोली, आशीष श्रीवास्तव, ललित सिंह बिष्ट, राजीव कोली, सोनम कोली, देश राज कोली, गब्बर कोली, दानवीर कोली, रेखा, आशा कोली, रजनी कोली, संतोष कोली, चन्द्रवती कोली, गुड्डो देवी, रेखा कोली, माया देवी, कमला देवी, शोभा कोली, राजवती कोली, हरदेई कोली, ओमप्रकाश कोली, प्रेम शंकर कोली, सुभाष कोली, राजा राम कोली, लक्ष्मण कोली, विजय रानी, श्रवण कोली, रामकुमार, अनुज कोली, बब्बू कोली, निहाल सिंह, आकाश कोली आदि मौजूद रहे।

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