शहादत दिवस पर याद किए गए श्रीदेव सुमन

समाचार शगुन उत्तराखंड 

 


टिहरी रियासत के अत्याचारों के खिलाफ 84 दिन की भूख हड़ताल कर शहीद हो जाने वाले श्रीदेव सुमन को आज उनके 82 वें शहादत दिवस पर राजकीय इंटर कालेज ढेला में विभिन्न कार्यक्रमों के साथ याद किया गया।

कार्यक्रमों की शुरुआत प्रार्थना सभा में उनके चित्र पर माल्यार्पण से हुई।अंग्रेजी प्रवक्ता नवेंदु मठपाल ने श्रीदेव सुमन के जीवन के सभी पहलुओं पर विस्तार से बात रखी।बताया देव सुमन, का जन्म 25 मई 1916 ब्रिटिश भारत की टिहरी गढ़वाल रियासत (वर्तमान में उत्तराखंड का टिहरी जिला ) में हुआ। अपने युवास्था में ही वे आजादी के आंदोलन से जुड़ गए।उन्होंने प्रजा मंडल संस्था की स्थापना कर उस समय के टिहरी राजपरिवार के अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया।उन्हें गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया गया जहां उन्होंने 84 दिन तक आमरण अनशन किया अंततः उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मौत के बाद जनता ने एकजुट हो टिहरी को राजशाही से मुक्त कर दिया।इस मोके पर बच्चों को श्रीदेव सुमन के जीवन से संबंधित वृत चित्र भी दिखाए गए। जूनियर कक्षा के बच्चों द्वारा उनका चित्र भी बनाया गया।प्रतिभागी भी हचों को पुरस्कृत भी किया गया। सायंकालीन स्कूल पुछड़ी ,पटरानी,सांवल्दे में भी बच्चों को श्रीदेव सुमन के जीवन के बारे में बताया गया।इस मौके पर प्रधानाचार्य मनोज जोशी, महेंद्र आर्य,दिनेश निखुरपा,सुभाष गोला, बालकृष्ण चंद,जया बाफिला,उषा पवार,संजीव कुमार,नरेश कुमार, पद्मा,हेमलता जोशी मौजूद रहे।

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