समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
काठगोदाम डिपो में रोडवेज प्रबंधन के रवैए के खिलाफ रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन बुधवार 15 जुलाई को प्रारंभ हो गया है। कर्मचारियों के अनुसार उत्पीड़न के विरोध में रोडवेज कर्मियों का आक्रोश; फूटा है। एजीएम पर संगठन को तोड़ने और द्वेषभावना से काम करने का गंभीर आरोप।
परिषद के पदाधिकारियों ने अत्यंत दुख और आक्रोश के साथ बताया कि संगठन से जुड़े निष्ठावान कर्मचारियों को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें नौकरी से हटाने व गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी जा रही हैं। हद तो तब हो जाती है जब भी संयुक्त परिषद अपने जायज मांग पत्रों पर वार्ता के लिए सहायक महाप्रबंधक के पास जाती है, तो एजीएम साहब अपने कुछ खास समर्थकों और दूसरे संगठन के लोगों को वहां बुलाकर परिषद के पदाधिकारियों पर दबाव बनाने, अभद्रता करने और डराने-धमकाने का काम करते हैं।
कल दिनांक 14 जुलाई 2026 को भी प्रबंधन के साथ होने वाली वार्ता इसी हठधर्मिता के कारण विफल रही। इसके बाद भी अधिकारी ने समस्याओं को सुलझाने के बजाय संगठन के पदाधिकारियों को फोन पर ऐसी धमकियाँ दीं, जिसकी कल्पना भी किसी सभ्य समाज में नहीं की जा सकती।
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### *तकनीकी ज्ञान शून्य, फिर भी प्रतिशोध में बसों का संचालन ठप*
अधिकारी की प्रतिशोध की भावना इतनी उग्र हो चुकी है कि तकनीकी ज्ञान न होने के बावजूद वे स्वयं वाहनों का फिटनेस निरीक्षण और आकलन कर रहे हैं। कार्यशाला प्रभारी (वर्कशॉप इंचार्ज) द्वारा जिन गाड़ियों को पूरी तरह फिट और मार्ग पर चलने योग्य घोषित किया जा चुका है, उन्हें भी एजीएम द्वारा जबरन मार्ग से हटाया जा रहा है। हद तो तब हो गई जब मार्ग पर चल रही फिट बसों को द्वेषभावना के कारण आधे रास्ते से वापस बुलाकर दूसरे मार्गों पर भेज दिया गया, जबकि उसी सीरीज और वैसी ही स्थिति की गाड़ियां डिपो में बेकार खड़ी थीं। इस तानाशाही से न सिर्फ राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि यात्रियों को भी घोर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।”
### *उच्चाधिकारियों के सामने भी मर्यादा की सीमाएं लांघी*
सहायक महाप्रबंधक के हौसले इतने बुलंद हैं कि जब क्षेत्रीय प्रतिनिधिमंडल द्वारा मंडलीय प्रबंधक (संचालन) की उपस्थिति में वार्ता चल रही थी, तब भी उन्होंने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघते हुए मंडलीय प्रबंधक के सामने ही संगठन के पदाधिकारियों को सीधे तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकाया।
न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष*
सहायक महाप्रबंधक के इस असहनीय और कर्मचारी-विरोधी रवैये से तंग आकर आज 15 जुलाई से रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद सड़कों पर उतरने को विवश हुई है। संगठन का साफ संदेश है कि जब तक इस तानाशाही का अंत नहीं होता, कर्मचारियों का उत्पीड़न बंद नहीं होता और डिपो में लोकतांत्रिक माहौल बहाल नहीं होता, तब तक यह आंदोलन और तेज होगा। यदि इस अशांति के कारण यात्रियों को होने वाली असुविधा या परिवहन निगम को होने वाले किसी भी नुकसान की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ और सिर्फ सहायक महाप्रबंधक काठगोदाम की होगी।



