अल्मोड़ा वनाग्नि पर मुख्यमंत्री का कड़ा एक्शन, डीएफओ समेत तीन अफसरों पर गिरी गाज, दो सस्पेंड, एक अटैच

समाचार शगुन उत्तराखंड 

कुमाऊं के अल्मोड़ा जिले के बिनसर वन्यजीव अभ्यारण्य में वनाग्नि की घटना में चार वन कर्मचारियों के जलकर मरने‌ के मामले को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत्त व डीएफओ अल्मोड़ा को सस्पेंड कर दिया है।‌ साथ ही सीसीएफ कुमाऊं को‌ मुख्यालय से अटैच‌ किया गया है। सीएम धामी ने सचिवालय में आज शुक्रवार 14 जून को मीडिया से बातचीत में कहा कि घटना में दोषी पाये जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सीएम ने कहा कि यह सीधे चेतावनी है। पहले भी अधिकारियों को धरातल पर जाकर हालात का जायजा लेने के निर्दश दिए गए हैं। कोई लापरवाही न बरते। यह कार्रवाई भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लापरवाही के लिए एक नजीर बनेगी। इधर मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद वनाग्नि में झुलसे चार कर्मचारियों को एयर एंबुलेंस से दिल्ली एम्स पहुंचा दिया गया है।

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इनकी हुई मौत

वनाग्नि में वन बीट अधिकारी बिनसर रेंज त्रिलोक सिंह मेहता (40) पुत्र नारायण सिंह, निवासी उडलगांव बाड़ेछीना, दैनिक श्रमिक दीवान राम (35) पुत्र पदी राम निवासी ग्राम सौड़ा कपड़खान, फायर वाचर करन आर्या (21) पुत्र बिशन राम निवासी कफड़खान और पीआरडी जवान पूरन सिंह (50) पुत्र दीवान सिंह निवासी ग्राम कलौन की मौके पर ही मौत हो गई।

ये झुलसे

फायर वाचर कृष्ण कुमार (21) पुत्र नारायण राम निवासी ग्राम भेटुली, पीआरडी जवान कुंदन सिंह नेगी (44) पुत्र प्रताप नेगी निवासी ग्राम खांखरी वाहन चालक भगवत सिंह भोज (38) पुत्र बची सिंह निवासी ग्राम भेटुली,दैनिक श्रमिक कैलाश भट्ट (54) पुत्र बद्रीदत्त भट्ट निवासी ग्राम धनेली, अल्मोड़ा गंभीर रूप से झुलस हैं।