युवक के आत्महत्या मामले में चौकी इंचार्ज समेत पूरी चौकी लाइन हाजिर, यहां दो महिला कांस्टेबल भी सस्पेंड

समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड 

नैनीताल जिले के बीती 28 अप्रैल को खैरना पुलिस चौकी के लोहाली गांव निवासी बालम सिंह बिष्ट की नदी और पहाड़ी का वीडियो बनाते समय पुलिसकर्मियों के साथ बहस हो गई थी। बहस के बाद पुलिस ने बालम का मेडिकल कराया तो शराब के नशे में होने के चलते उसका पुलिस एक्ट में चालान कर उसे परिजनों को सौंप दिया था। बालम ने घर जाने के अपनी बहन और जीजा को फोन कर पुलिस पर उसके साथ दुर्व्यवहार करने, सिम कार्ड तोड़ने, पांच हजार लूटने का आरोप लगाया। इसके बाद उसने सदमे में जहर पीकर आत्महत्या कर ली थी। बालम ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ दुर्व्यवहार का सुसाइड नोट भी छोड़ा था। मामले में बालम के सुसाइड नोट और उसकी बहन मुन्नी जलाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। एसएसपी ने मामले में खैरना चौकी प्रभारी रमेश पंत व सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया है। बहन मुन्नी जलाल ने उसके भाई को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी ने मामले की जांच में पारदर्शिता के मद्देनजर यह कार्रवाई की है। वहीं ऊधमसिंहनगर जिले के रुद्रपुर निवासी एक महिला ने शिकायती पत्र देकर बताया था कि बीते 17 अप्रैल को पीलीभीत निवासी यश प्रताप उनकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसलाकर ले गया था। महिला की तहरीर पर पीलीभीत पुलिस ने नाबालिग को थाना बिलसंडा पीलीभीत से बरामद कर महिला के सुपुर्द कर दिया। इसी बीच मई महीने की शुरूआत में नाबालिग की तबीयत बिगड़ने लगी और जब उसे डॉक्टर को दिखाया गया तो जांच में वह गर्भवती निकली। यह सुन महिला के होश उड़ गए। महिला अभियुक्त पर कार्रवाई की मांग को लेकर पहले कोतवाली रुद्रपुर गई। इसके बाद कोतवाली पंतनगर, महिला हेल्प डेस्क के कई चक्कर लगाए लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। सब जगह से निराशा मिलने के बाद महिला एसएसपी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई। नाबालिग से मामला जुड़ा होने के कारण जब एसएसपी ने मामले के बारे में जानकारी ली तो प्राथमिक जांच में ड्यूटी के प्रति लापरवाही और संवेदनहीनता पाई गई और एसएसपी ने महिला हेड कांस्टेबल पायल आर्या और महिला कांस्टेबल मंजू आर्या को निलंबित कर दिया है।