समाचार शगुन उत्तराखंड

रचनात्मक शिक्षक मंडल की पहल पर सांवल्दे में चल रही शिक्षकों एवं बच्चों की तीन दिवसीय हिंदी भाषा शिक्षण की कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिभागी बच्चों और शिक्षकों ने विषय विशेषज्ञ एस सी ई आर टी से सेवानिवृत्त मदन पांडे के दिशा-निर्देशन में दिमाग कैसे काम करता है जाना, इसके साथ ही कार्यशाला में अनेक कविताओं का पाठ हुआ. प्रतिभागियों को कुछ पंक्तियां और तुक देकर सरल कविताएं बनानी भी सिखाई गई। सीखने सिखाने की प्रक्रिया में दिमाग कैसे काम करता है पर बोलते हुए विषय विशेषज्ञ मदन पांडे ने कहा छोटे हों या बड़ी आयु के लोग, सीखने के दौरान सभी का दिमाग एक ही तरीके से काम करता है.सीखने की प्रक्रिया में पहला चरण अनुभूति का होता है.हमारे हाथ पांव, आँखें, नाक, कान, जीभ हमें बाहर से कुछ सूचनाएं देते हैं,ये देखने,सुनने,सूंघने,चखने, छूने से संबंधित होती हैं. फिर हमारा दिमाग इनमें से किसी एक सूचना ,अनुभव को सोच विचार के लिए चुन लेता है. बाहर से कोई एक सूचना हमारा दिमाग 10 सेकेंड में ग्रहण कर लेता है. फिर उसे 30 सेकेंड तक अपनी पुरानी यादों के साथ मिलाकर प्रोसेस या संशोधित करता है.फिर यह किसी निष्कर्ष तक पहुंच जाता है और यह निष्कर्ष हमारी यादों का हिस्सा बन जाता है। यदि कोई सूचना ठीक से 30 सेकेंड में प्रोसेस नहीं हो पाती तो हम कहते हैं यह चीज ठीक से समझ में नहीं आई.प्रोसेस करने के बाद निकाला गया निष्कर्ष ही ज्ञान है. इसीलिए दिमाग की एकबार प्रॉसेसिंग अवधि आधा मिनट होने के कारण बच्चों को या कहें शिक्षार्थी को अनेक चीजें बार बार समझानी पड़ती हैं. यह एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। आज की कार्यशाला में अनेक कविताओं का भी पाठ हुआ. विषय विशेषज्ञ मदन पांडे ने कहा कविताओं को बेहतर समझने के लिए अनेक चरणों में काम किया जाना चाहिए,उसमें सबसे पहला चरण है अभिनय के साथ कविता कहने,सुनने का आनंद लेना,दूसरा चरण है छपी हुई कविता को आरोह अवरोह के साथ पढ़ना। तीसरा चरण है कविता के केंद्रीय भाव पर बात करना, चौथा चरण है कविता से भाषा निकालना,कविता के तुकों से खेल करना, उसके पदों के पैटर्न पर नए नयी वाक्यांश बनाना,पांचवां चरण है कविता में सबसे सुंदर लिखी गई लाइन जिसमें कोई उपमा की गई हो या सुंदर भाषा प्रयोग की गई हो उस वाक्यांश,वाक्य की पहचान,छठा चरण है कविता के साथ व्याकरण का अभ्यास करना.
विद्यार्थियों को कुछ पंक्तियां और तुक देकर शिक्षक कक्षा में अनेक सरल कविताएं बना सकते हैं, छात्र इससे बहुत कुछ सीखते हैं।
इस दौरान नवेंदु मठपाल, सीपी खाती, निखिलेश उपाध्याय, नवीन तिवारी, सुमित कुमार, रिंकी आर्य, पिंकी, अनूप वर्मा, प्रेमा बेलवाल, सविता अग्रवाल, निशि गोयल, मंजू पांडे, रितु बेलवाल मौजूद रहे।



