समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड
नैनीताल जिले के हल्द्वानी के शीशमहल काठगोदाम में पांच नवंबर को जिला उद्योग केंद्र की ओर से आयोजित फायर सेलर मीट में विभिन्न विक्रेताओं ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। मीट में स्टाल लगाने वाले जिले के ही ज्योलीकोट के ग्राम ज्योली से पहुंचे मौन पालक मनोज पांडे ने सरसों के शहद के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसकी बड़ी मात्रा में पैदावार है लेकिन बाजार उपलब्ध नहीं। उनके स्टॉल में चार से पांच प्रकार के शहद थे। इनमें सरसों का शहद बिक्री न होने की पीड़ा उन्होंने उजागर की। उनका कहना था कि यह शहद शुद्धता से बना रहता है, विदेशों में अमेरिका, नाइजीरिया जैसे देशों में इसकी डिमांड है, लेकिन इसके जमे रहने से स्थानीय उपभोक्ता इसका प्रयोग नहीं कर रहा है। इससे देशभर के मौनपालक परेशान हैं। पांडे ने सरकार से शहद के प्रचार प्रसार को बढ़ावा दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि वे उत्तराखंड के जंगल क्षेत्रों में मौन पालन कर शहद का उत्पादन कर रहे हैं। वह अपनी पत्नी उमा पांडे के साथ इस व्यवसाय को कर रहे हैं। उन्होंने ज्योलीकोट स्थित केंद्र में मौन पालन का प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद खुद का कारोबार शुरू किया है। इसके लिए 35 प्रतिशत की सब्सिडी पर लोन लिया। नवंबर से लेकर जून तक चलने वाले सीजन में वह 10 कुंतल शहद की पैदावार कर लेते हैं। लालडांठ निवासी निर्मला जोशी ने सरिता मौलेखी के साथ ऐपण समेत हाथों से तैयार किए गए कुमाऊंनी संस्कृति से जुड़े उत्पादों का स्टॉल लगाया था। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 रुपये से लेकर पांच हजार तक का सामान उपलब्ध है। निर्मला ने बताया कि चार साल से यह काम शुरू किया है। उन्होंने कहा कि इस मीट से उनके उत्पादों को और अधिक बढ़ावा मिलेगा।
विक्रेता-क्रेता मीट से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार
राज्य स्थापना दिवस के मौके पर शीशमहल स्थित रामलीला मैदान के भवन में बुधवार को आयोजित मीट में मुख्य अतिथि दायित्वधारी रेनू अधिकारी, विशिष्ट अतिथि के तौर पर गजराज बिष्ट मौजूद रहे। मीट में जिले भर से आए विक्रेताओं ने अपने-अपने उत्पादों की विशेषता बताते हुए उत्पादन की प्रक्रिया से अवगत कराया। मैदान में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत 20 स्टाल, रीप परियोजना से 10 स्टाल, जिला उद्योग केंद्र से 10 स्टाल व एनआरएलएम से 10 स्टाल लगाये गए थे। जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक पल्लवी गुप्ता ने बताया कि मीट का उद्देश्य खरीदार को सीधे उत्पाद से जोड़ना था। उन्होंने बताया कि मीट में ऐसे खरीदारों को आमंत्रित किया गया था जिन्हें कच्चे माल जैसे शहद, चाय, दालें, हेंडीक्राफ्ट की ज्यादा मात्रा में जरूरत होती है। उनका सीधे विक्रेताओं से संवाद कराया गया। विक्रेता अब क्रेता के साथ सीधे संपर्क कर उत्पाद बेच अपनी आजिविका में वृद्धि कर सकेगा। मीट में 60 क्रेता और 80 विक्रेताओं ने अपने उत्पादों के साथ प्रतिभाग किया। इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अनामिका ने स्टॉलों का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में चंद्रा फर्त्याल, दीपक जोशी, अरुण



