समाचार शगुन हल्द्वानी उत्तराखंड

2018 में 10 महिलाओं के समूह से शुरु हुआ रचिता स्वयं सहायता समूह आज हल्द्वानी में एक मिसाल कायम कर रहा है।
गिरिजा बुटीक एवं महिला विकास संस्था द्वारा वर्ष 2018 में लामाचौड़ स्थित 10 महिलाओं का समूह रचिता समूह की अध्यक्ष पुष्पा बिष्ट के तत्वावधान में बनाया गया। नाबार्ड के योजना के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक से 100000 का ऋण प्राप्त कर कार्य की शुरुआत की। व महिलाओं ने संस्था से मशीन द्वारा बुनाई, मोमबत्ती, ऐपण आदि का प्रशिक्षण प्राप्त किया। समूह का कार्य अच्छा चलने पर वर्ष 2023 में नाबार्ड द्वारा उत्तराखंड राज्य में नैनीताल जिले के अंतर्गत रचिता स्वयं सहायता समूह को *प्रथम ग्राम दुकान* परियोजना प्रदान की गयी। जिससे महिलाओं ने दर्शक ग्राम दुकान के नाम से लामाचौड़ में दुकान संचालित की जो की सुचारू रुप से संचालित है। महिलाओं ने नाबार्ड द्वारा प्रदत्त ग्राम दुकान परियोजना से बुनाई मशीन की आटोमेटिक मशीन जिसकी कीमत रु50000/- है डालकर बुनाई के कार्य को बाजार में मिलने वाले डिजाइनर स्वटेर, कार्डीगन, बच्चों के डिजाइनर स्वेटर सभी आइटम इस आटोमेटिक मशीन में कम समय में तैयार कर लिये जाते हैं। एक दिन में 4-5 स्वेटर मशीन द्वारा निकाली जा सकती है। इसके साथ ही ग्राम दुकान में बुनाई उत्पाद के साथ ऐपण उत्पाद, हस्तशिल्प बैग, आर्गेनिक खाद्य उत्पाद आदि उपलब्ध हैं। इसके साथ ही दुकान में बुनाई मशीन का प्रशिक्षण देने का कार्य भी महिलायें करती हैं। जिससे अतिरिक्त आमदनी अर्जित करने के साथ साथ ही दूसरों को रोजगार से जोड़ने का कार्य भी रचिता समूह द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त महिलायें विभिन्न प्रदर्शनियों में भी भाग लेकर आमदनी अर्जित कर आज एक सफल महिला के रुप में उभरकर आगे आयी हैं। नाबार्ड द्वारा प्रदत्त राज्य का पहला ग्राम दुकान आज एक सफल माडल के रुप में उभरकर सामने आया है। इस सफल होने का कारण नाबार्ड डीडीम श्रीमान मुकेश बेलवाल, संस्था तथा समूह के मध्य त्रैमासिक परियोजना कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति (PIMC) बैठक का आयोजन कर निरीक्षण किया जाता है। आज महिलायें आत्मनिर्भर बनकर खुशी का अनुभव करती हैं व दूसरों के लिये भी प्रेरणास्रोत बनी हैं।



