घुघुती त्यार के दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बच्चों ने किया पक्षी अवलोकन

समाचार शगुन उत्तराखंड 

 


जोतिबाफुले सावित्रीबाईफुले सायंकालीन स्कूल की पहल पर सांवल्दे (पश्चिम), रामनगर में आज से दो दिवसीय घुघुती त्यार कार्यक्रम शुरू हो गया।कार्यक्रम के पहले दिन स्कूली बच्चों ने जंगल के नजदीक ग्रामीण क्षेत्र में भ्रमण करते हुए पक्षी अवलोकन किया।कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत ग्राम प्रधान बालम सिंह ने की।इस मौके पर बच्चों से बातचीत करते हुए कार्यक्रम संयोजक नवेंदु मठपाल ने कहा घुघुती त्यार एक ऐसा उत्सव है जहाँ प्रकृति, संस्कृति और लोक समुदायों का ताना बाना एक साथ बुना जाता है।उत्तराखंड के पर्वतों में परंपराऐं पुस्तकों में नहीं लिखी जाती, बल्कि वे पक्षियों के गीतों में गूँजती हैं, वनों की ध्वनियों में सुनाई देती हैं,
और पीढ़ी दर पीढ़ी सौंपी जाती हैं।
इस मौके पर वरिष्ठ पक्षविद राजेश भट्ट ने कहा 520 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान 640 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का घर है, जिनमें स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के साथ-साथ जलपक्षी भी शामिल हैं। सूची लंबी है, लेकिन यहां देखे जाने वाले सबसे सुंदर और अनोखे पक्षियों में बायस, ब्लैक-नैप्ड ग्रीन वुडपेकर, सिनेरियस गिद्ध, स्टॉर्क-बिल्ड किंगफिशर, वॉलक्रीपर पलास, फिशिंग ईगल, ब्राउन डिपर, टॉनी फिश, इंडियन अल्पाइन स्विफ्ट, लार्क, मैना, टेलरबर्ड, स्पॉटेड आउलेट और कई अन्य दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं।चिड़ियों को प्रकृति या माली,डाक्टर भी कहा जाता है। नेचर गाइड सुरेश रावत ने मानव वन्य जीव संघर्ष के बाबत विस्तार से जानकारी दी।उनके स्तर से बच्चों के लिए जलपान की व्यवस्था भी की गई। कॉर्बेट स्कूल ऑफ आर्ट के प्रियंका रावत व हरि शंकर देव के द्वारा नेचर जर्नलिंग गतिविधि का आयोजन किया गया। इस गतिविधि के अंतर्गत बच्चों को कक्षा से बाहर ले जाकर प्राकृतिक वातावरण में पौधों, पेड़ों, पक्षियों, कीट-पतंगों और आसपास के दृश्य को ध्यानपूर्वक देखने व समझने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित प्रतिभागियों ने अपनी देखी गई बातों को चित्रों, शब्दों और भावनाओं के माध्यम से अपनी जर्नल पुस्तिकाओं में दर्ज किया। इस प्रक्रिया ने बच्चों में एकाग्रता, कल्पनाशक्ति, वैज्ञानिक सोच और पर्यावरण के प्रति जागरूकता को बढ़ावा दिया। प्रियंका व हरि ने बताया कि नेचर जर्नलिंग बच्चों को प्रकृति से जोड़ने के साथ-साथ उनमें संरक्षण की भावना भी विकसित करती है। इस प्रकार की गतिविधियाँ बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक सिद्ध होती हैं। इस दौरान राजेश भट्ट,भानु भट्ट,सुरेश रावत,दीपक फर्त्याल,प्रकाश फुलेरिया,ऋतु बेलवाल,हरि देव,प्रियंका,विमला फुलेरिया, टीपी एफ पंचम सिंह रावत, फॉरेस्ट गार्ड मुजबिल,वन दरोगा ओम प्रकाश जोशी,राजू पांडे मौजूद रहे।

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